Thursday, December 25, 2008

इस दिसम्बर में.........

इस दिसम्बर से जीवन में
अधकचरे रिश्तों की धुंध
घने कोहरे सी छाई थी-----

उमंगों का शिथिल होना,
ठिठुरती ठण्ड के आभास जैसा
विचारों को संकुचित करता,
भावनाओं से उठती सिहरन से
कोमल मन कंपकपाता था-----

ऐसे में तुम
काँधे पे झोली लटकाए,
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए
प्यार का हर रंग साथ लिए
नए सपने, नई आशाएं,
मोहक मुस्कान, कोमल स्पर्श का
मृदुल एहसास लिए-----
मुझमे एक गुनगुना जोश भर देते हो

तुम संता क्लॉज़ की तरह
मेरी ज़िन्दगी में आए हो
अपनी झोली के सारे उपहार
तुमने मुझे दे दिए हैं-----

इस दिसम्बर (जीवन) में,
तुम्हारे होंठों का स्पर्श
मुझे ताप से भर गया है,
सदा-सदा के लिए--------


नोट:सभी पाठकों को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें!

26 comments:

Shashwat Shekhar said...

"इस दिसम्बर से जीवन में
अधकचरे रिश्तों की धुंध
घने कोहरे सी छाई थी"

दिसम्बर सा जीवन........क्या बात है|
बहुत ही अच्छे|

"अर्श" said...

दिल को छू लेने वाली एक बेहद ही सुंदर कविता सुंदर भावों से भरी हुई बहोत ही बढ़िया हक़ अदा किया है आपने ज्योत्स्ना जी ..
ढेरो बधाई आपको....


अर्श

Shashank Pandey's Blog said...

bahut hi achhi kavita hai ma'am!
padhkar dil ko achha laga![:)]

Pankaj Upadhyay said...

wahhh..aakhiri paragraph padhkart jaise sach main thand gayab ho gayi ho...
badhaiyan..and merry chrismas

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर...आपको भी क्रिसमस की बधाई।

varun jaiswal said...

भावों के अनछुए पहलुओं को मानस में समेटती हुई रचना |
सम्पूर्ण स्त्रीत्व का दर्शन |
धन्यवाद |

रश्मि प्रभा said...

यह सांता क्लॉज़ हमेशा तुम्हारी ज़िन्दगी में रहें,
एक स्निग्ध स्पर्श तुममें हर पल नए रंग भरे,कोई अधूरापन ना रहे..........

डॉ .अनुराग said...

इस दिसम्बर में वाकई .....गुनगुनी धुप सी एक कविता है ....जो भली लगी

नीरज गोस्वामी said...

बेहद खूबसूरत अंदाज है आप के लेखन का...बहुत ही अच्छी रचना... शब्द चयन और भाव दोनों लाजवाब...बधाई.
नीरज

akshi said...

bahut acchi kavita hai
haert touching

¢яєαтινιту ιѕ... said...

यही आशा की .. यह Santaclause आपके जीवन में नयी आशा, नयी उमंग और नया जोश भर दे ... बहोत खूब ...

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" said...

ज्योत्स्ना जी
अभिवंदन

मैं आज दूसरी बार
आपके ब्लॉग को देख
और पढ़ रहा हूँ.

" अधकचरे रिश्तों की धुंध " ,
" उमंगों का शिथिल होना "
सुंदर प्रयोग हैं.
जीवन में यदि संता क्लॉज की तरह
कोई रंग भरे तो निश्चित ही जोश
भरेगा ही.

सार्थक एवं सकारात्मकता
के साथ अग्रसर होने के
भाव बहुत अच्छे लगे.

यूँ ही अच्छे से अच्छा
लिखते रहिये,
बधाई.


आपका
विजय

pintu said...

मै आपके बात से पुरी तरह सहमत हूँ !पर पहले मुझे मालूम नही था लेकिन जैसे-जैसे जान पहचान बढ़ता गया और वैसे-वैसे ही हमको मालूम हुआ की ऐ पंक्तिया रश्मि जी की है!मै इसे हटाने वाला ही हूँ!

प्रदीप मानोरिया said...

एक नया उपहार सा बन आपकी कविता मिली खिल गया ह्रदय प्रेम के रंग से रंगी यह शब्द रचना मन को चोटि हुयी ह्रदय मैं प्रवेश कर गई !! सुंदर बधाई

वेद प्रकाश सिंह said...

इस दिसम्बर से जीवन मे
अधकचरे रिश्तो की धुंध
घने कोहरे सी छाई थी....
और इस दिसम्बर मे आपका रश्मि माँ से मिलना तय था
क्योंकि आप दोनों बहन की जोड़ी रब ने बनायी है,बनायी थी......
अब तो आप खुश होंगी की jesus christ ने आपकी समस्या को समझा और उसे दूर कर दिया,आपकी ये खुशियाँ हमेशा बनी रहे !
nice poem mam...

विनय said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

ilesh said...

ऐसे में तुम
काँधे पे झोली लटकाए,
मेरे जीवन में रंग भरने के लिए
प्यार का हर रंग साथ लिए
नए सपने, नई आशाएं,
मोहक मुस्कान, कोमल स्पर्श का
मृदुल एहसास लिए-----
मुझमे एक गुनगुना जोश भर देते हो

khubsurat abhivyakti...

राधिका बुधकर said...

सुंदर !नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये .

प्रदीप मानोरिया said...

नव वर्ष मंगल मय हो
आपका सहित्य सृजन खूब पल्लिवित हो
प्रदीप मानोरिया
09425132060

akhilesh Ji said...

Respected Jyotsna Ji
Your poems is very nice. I am an editor of Katha chakra famous hindi literature patrika. pls visit
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dr. ashok priyaranjan said...

शब्दों के माध्यम से भाव और िवचार का श्रेष्ठ समन्वय िकया है आपने । अच्छा िलखा है आपने ।

आपको नववषॆ की बधाई । नया आपकी लेखनी में एेसी ऊजाॆ का संचार करे िजसके प्रकाश से संपूणॆ संसार आलोिकत हो जाए ।

http://www.ashokvichar.blogspot.com

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

आपको, आपके परिजनों और आपके मित्रों और परिचितों को भी नव वर्ष की शुभकामनाएं. ईश्वर आपको सुख-समृद्धि दे!

अनुराग शर्मा

अविनाश said...

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

VaRtIkA said...

bahut hi sunder rachnaa... liked the way it has been structured... shabd chayan bahut hi accha hai....

wid regards

Madhu said...

Hi,

Today I come across with a one of the best writer group.

very nice

Anand Mohan said...

aapne december ki gatna ko positive bana diya

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